नई दिल्ली, जुलाई 23 -- जूनियर हाई स्कूलों में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से महज 7 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर कार्यरत 25 हजार अनुदेशकों के वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने 4 फरवरी के अपने उस फैसले की समीक्षा करने से इनकार कर दिया, राज्य के जूनियर हाई स्कूलों में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से महज 7 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर कार्यरत अनुदेशकों को मानदेय बढ़ा दिया था। शीर्ष अदालत ने उक्त फैसले में यह भी कहा था कि अनुबंध पर कार्यरत ये अनुदेशक वर्ष 2017-18 से ही 17 हजार रुपये मासिक वेतन पाने का हकदार है और अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी नियुक्ति स्थाई माना जाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ और पीबी वराले की पीठ ने इस फैसले की समीक्षा की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर...