गोरखपुर, फरवरी 5 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान और उनकी देखभाल के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने सभी जिलाधिकारियों और नगर निगमों को निर्देश दिया है कि हर जिला मुख्यालय पर कुत्तों के लिए एबीसी सेंटर (एनिमल बर्थ कंट्रोल) और शेल्टर होम बनाए जाएं। इसके लिए 25 जनवरी को ही अधिकारियों को जमीन तलाशने का आदेश दिया गया था, लेकिन अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी है। सरकार का मकसद है कि सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित कुत्तों को एक ठिकाना मिले, जहां उनका इलाज हो सके और उनकी आबादी को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जा सके। 1000 कुत्तों को रखने की होगी क्षमता नगर निगम और जिला मुख्यालयों पर बनने वाले इन शेल्टर होम का खाका बहुत बड़ा तैयार किया गया है। हर सेंटर में करीब 1000 कुत्तों को रखने...
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