प्रमुख संवाददाता, अगस्त 5 -- उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी पहल की है। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के हर जिले तीन-तीन वाहन फिटनेस जांच सेंटर खोलेगी। यह घोषणा बुधवार को विधान परिषद में परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फिटनेस जांच में स्कूली वाहनों को किसी भी प्रकार की छूट दिया जाना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच को लेकर दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं। सपा के आशुतोष सिन्हा ने प्रश्नकाल में विद्यालयी बसों और विद्यालयी वाहनों के फिटनेस जांच का मुद्दा उठाते हुए पूछा था कि प्रदेश में विद्यालयी बसों की अधिकतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित है, जबकि ऐसे वाहन सामान्य यात्री बसों की तुलना में प्रतिदिन औसतन करीब दो घंटे तथा वर्ष में सीमित कार्य...