नई दिल्ली, मार्च 10 -- यूपी में शहरी क्षेत्रों के विकास का रास्ता साफ हो गया है। योगी सरकार ने शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए नगर निकायों व विकास प्राधिकरणों को स्टांप शुल्क का दो फीसदी दिए जाने के लिए छह-छह माह पर किस्तें देने का फैसला किया है। इसके साथ ही अगली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त दी गई है। इससे स्टांप शुल्क का 1327 करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अभी तक उपयोगिता प्रमाण पत्र मिलने के बाद दूसरी किस्त देने की व्यवस्था थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि शहरों में अचल संपत्ति के अंतरण पर वसूले जाने वाले दो प्रतिशत अतिरिक्त स्ट...
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