लखनऊ, जुलाई 17 -- उत्तर प्रदेश के लाखों शहरी नागरिकों पर जल्द ही हाउस टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। करीब 15 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश के कई नगर निगमों में गृहकर की दरों में संशोधन की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड ने उन नगर निगमों को टैक्स दरें पुनर्निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं, जहां लंबे समय से कर दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बोर्ड का मानना है कि नगर निकायों की आय बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए कर ढांचे का पुनरीक्षण जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से 14 जुलाई को प्रदेश के सभी नगर निगमों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कर निर्धारण सूची में संशोधन और नई दरें लागू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह भी पढ़ें- यूपी में कल का मौसम, 17 जुलाई; मानसून लौटा, लखन...