रांची, अगस्त 30 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। यूपी में विधान परिषद की परीक्षा में की गई अनियमितताओं के तर्ज पर ही यूपीएससी 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की साजिश रची गई थी। टीडीपीएल के लिए काम करने वाले हेमंत वर्मा ने इस संबंध में सीआईडी के समक्ष खुलासा किया है। हेमंत पिकर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के निदेशक भी हैं। सीआईडी के समक्ष दिए बयान में हेमंत वर्मा ने स्वीकार किया कि वर्ष 2020 में टीडीपीएल कंपनी के कहने पर उनकी कंपनी पिकर टेक्नोलॉजी ने यूपी विधान परिषद आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए पोर्टल और सॉफ्टवेयर तैयार किया था। वर्ष 2025 में टीडीपीएल के निदेशकों रामवीर सिंह और सतपाल सिंह ने जेपीएससी परीक्षा संचालन का काम मिलने के बाद उनसे दुबारा लखनऊ में संपर्क किया था। मो उस्मान भी पिकर के लिए ही काम करता था। इस दौरान लखनऊ स्थित कार्यालय...