आलोक मिश्र, अगस्त 12 -- उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह की नौ कंपनियां सामने आई हैं, जिन्हें बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में 18 करोड़ रुपये से अधिक के काम दिए गए थे, जिनमें बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। विजिलेंस जांच में सामने आया है कि कई काम हुए भी नहीं और पूरा भुगतान कर दिया गया। इसके दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह कार्य स्टेट बजट के तहत आवंटित किए गए थे। विजिलेंस एनआरएचएम की विभिन्न स्कीमों के तहत पूर्व विधायक की फर्मों को सौंपे गए कार्यों का ब्योरा अभी जुटा रही है। विजिलेंस मामले में जल्द नामजद आरोपी दो तत्कालीन सीएमओ को दोबारा पूछताछ के लिए तलब करेगी। जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के पिता आरपी श्रीवास्तव ...