संवाददाता, मार्च 29 -- लखनऊ विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 से विवि परिसर के अलग-अलग संकायों में संविदा पर कार्यरत ऐसे शिक्षकों को भी पीएचडी कराने का अधिकार प्राप्त होगा, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया नियमित पदों के समान है। इससे विवि के इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पर्यटन, आईएमएस, ज्योतिष विभाग समेत कई अन्य विभागों में कार्यरत 200 से ज्यादा संविदा शिक्षक रिसर्च करा सकेंगे। 300 से ज्यादा सीटें बढ़ जाएंगी। यह निर्णय विवि परिसर में कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी की अध्यक्षता में आयोजित विद्या परिषद की बैठक में लिया गया। विद्या परिषद की बैठक में संशोधित पीएचडी अध्यादेश-2026 को मंजूरी दी गई। जिसके तहत अब वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का आयोजन किया जाएगा। प्रथम चरण मई और द्वितीय चरण दिसंबर में होगा। मूल्यांकन प्रक्रिया में बदलाव किया गय...
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