नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- राजकुमार शर्मा, लखनऊ। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के नतीजों ने भाजपा की चुनौती बढ़ा दी है। पार्टी भले ही दोबारा छह सीटें हासिल करने में सफल रही हो लेकिन सपा की सीटों में बढ़ोत्तरी से भगवा खेमे पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ गया है। पार्टी को विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक मोर्चे पर अब और अधिक सतर्क होना पड़ेगा। खुद सीएम योगी के चुनाव की कमान संभालने और आठ जनसभाओं के बाद ही इस हालत के पीछे कई कारण मानें जा रहे हैं। गोरखपुर से आगरा तक भितरघात दिखाई दिया है। छह सीटों पर देरी से टिकट घोषित करना भी भाजपा को भारी पड़ गया है। इन छह में से चार सीटें पार्टी हार गई जबकि महीनों पहले घोषित पांच प्रत्याशियों में से चार ने जीत हासिल कर ली। जिन 11 सीटों के लिए चुनाव हुए उनमें से भाजपा के पास...