नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कारोबारी या मर्चेंट एमडीआर की लागत ग्राहकों से न वसूल करें। इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) सभी बैंकों के स्तर पर इसकी निगरानी सुनिश्चित करेगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने 15 अक्तूबर से लागू होने वाले 0.4 प्रतिशत के एसडीआर को लेकर पुख्ता निगरानी करने की व्यवस्था करने में जुटा है। इसके लिए जल्द ही वित्त मंत्रालय स्तर पर आईबीए के साथ बैठक होगी, जिसमें आईबीए को मंत्रालय की तरफ से जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि वह बैंकों के साथ समन्वय करें और बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दे कि एमडीआर शुल्क का बोझ ग्राहकों पर न डालें। बैंक नियमित तौर पर ...