आनंद सिन्हा, जून 20 -- समाजवादी पार्टी के सांसदों में टूट के भाजपा और सहयोगी दलों के दावे ने प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के सहयोगी दल सुभासपा और निषाद पार्टी जिस तरह से सपा के सांसदों में टूट के दावे कर रहे हैं, उसने सवाल खड़े कर दिए हैं कि ये दावे कहीं सपा की पीडीए रणनीति के दबाव की परिणति तो नहीं हैं या इन दावों के पीछे सपा सांसदों में असंतोष की अंदरुनी हकीकत है। सपा ने जब से लोकसभा चुनाव-2024 में भाजपा को वर्ष 2004 के बाद करारी सियासी मात दी है, तब से भारतीय जनता पार्टी के खेमे में उसके पीडीए दांव को लेकर बेचैनी या यूं कहें खलबली सी कायम है। सपा ने लोकसभा चुनावों में खासकर पूर्वांचल की करीब 28 संसदीय सीटों में से कांग्रेस के साथ 19 सीटें जीत ली थीं। भाजपा और अपना दल को महज़ नौ सीटों पर संतोष करना पड़ा था। यहीं से यू...