जमशेदपुर, मई 23 -- स्नातक यानी यूजी को तीन वर्ष से चार वर्षीय कोर्स बनाए जाने के बाद अब स्नातकोत्तर यानी पीजी में भी बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले पीजी दो वर्षों का होता थे, लेकिन यूजी में बदलाव के बाद इसमें दो वर्षीय एवं एक वर्षीय पीजी का विकल्प विद्यार्थियों को मिलने वाला है। इतना ही नहीं, बल्कि पीजी में वर्षों से चली आ रही पारंपरिक विषय-बाध्यता का दौर भी अब समाप्त हो जाएगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए पोस्ट ग्रेजुएट करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत अब विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय बदलने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। इस नए बदलाव के बाद अब विज्ञान संकाय से स्नातक (यूजी) करने वाले छात्र भी आर्ट्स और कॉमर्स के विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर सकेंगे। इसी तरह कॉ...