यूजीसी फीस रिफंड पर सख्त, छिन सकती है विश्वविद्यालयों की मान्यता, राज्यपालों से दखल की अपील
पटना, अक्टूबर 22 -- यदि कोई छात्र निर्धारित अवधि के अंदर अपना एडमिशन रद्द करता है या किसी दूसरे संस्थान में स्थानांतरण कराता है, तो संस्थान को उसकी पूरी फीस वापस करनी होगी। इसमें केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, पुस्तकालय शुल्क, खेल शुल्क और विकास शुल्क सहित सभी प्रकार के शुल्क शामिल हैं। इसको लेकर यूजीसी ने सभी विवि को स्मार पत्र भेजा है। आयोग की सचिव प्रोफेसर श्यामा रथ ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपालों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर उनसे हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सभी उच्च शिक्षण संस्थान फीस वापसी नीति का सख्ती से पालन करें। पत्र में चेतावनी दी गई है कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुदान रोकना और संबद्धता वापस लेने की सिफ...
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