बांदा, फरवरी 6 -- बांदा। संवाददाता यूजीसी के नए कानून को लागू करने को लेकर इंडियन लायर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनेवाज वर्मा ने आधा सैकड़ा अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर मे पहुंचकर प्रदर्शन किया। नायब तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। अधिवक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी 2012 के नियम अप्रभावी होने के कारण एससीएसटी, ओबीसी छात्र-छात्राओं के साथ जातिगत भेदभाव, लिंग आधारित भेदभाव व दिव्यांगत्ता आधारित भेदभाव चरम पर है। लगभग 3500 छात्र हर वर्ष ड्राप कर जाते हैं। एससी एसटी ओबीसी के छात्र-छात्राओं, दिव्यांगता व लिग आधारित भेदभाव से बचाये रखने हेतु भारत को मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए यूजीसी समानता कमेटी 2026 बहाल करते हुए लागू किया जाये। ताकि भेदभाव रहित सुरक्षित वातावरण में एससीएसटी, ओबीसी महिला, दिव्यांग उच्च शिक्षण संस्था...