नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में वीटो के अधिकार के बिना नए स्थायी सदस्यों की एक अलग श्रेणी बनाने से वे वास्तव में दूसरे दर्जे के सदस्य होंगे और फैसले लेने का अधिकार मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों के पास ही बना रहेगा। चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं और इनके पास वीटो का अधिकार है। परिषद में 10 अस्थायी सदस्य भी होते हैं, जिन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। यह भी पढ़ें- सारे सदस्यों को मिले वीटो पावर, UNSC में सुधारों की मांग कर बोला भारत; गिनवा दिए आंकड़ेवीटो अधिकार पर भारत का रुख संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जब तक वीटो का प्रावधान मौजूद है, तब तक सुधार के बाद भी परिषद के सभी स्...