युवा व बड़े-बूढ़े सभी सीने पर ब्लेड से खरोंचकर मनाते हैं मातम
मधुबनी, जून 26 -- मधेपुर,निज संवाददाता। पर्व हिंदुओं का हो या मुस्लिमों का उसके मनाने का तरीका भी कभी-कभार अलग होता है। कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन साहब के शहादत की याद में मोहर्रम पर्व में शिया समुदाय के लोग खास तरीके से मनाते हैं मातम। इस समुदाय के पुरुष सदस्यों में नन्हें बच्चों से लेकर युवा व बड़े-बूढ़े सभी सीना(छाती) को ब्लेड से खरोंचकर मनाते हैं मातम। यह भी पढ़ें- Chapra News परसा में भी कर्बला की याद में हुआ जंजीरी मातममातम मनाने का तरीका मातम मनाने के दौरान परिवार की महिलायें काले कपड़ा पहनकर गम के तहत छाती पीटती है। पुरुष सदस्य भी गम मनाने के दौरान काला कपड़ा ही पहनते हैं। इनके घरों पर मोहर्रम पर्व के दौरान गम का प्रतीक काला झंडा लगा रहता है। शिया समुदाय के मधेपुर में दर्जनभर परिवार के करीब पांच दर्जन सदस्य हैं। जिसमें बुधवार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.