बरेली, अप्रैल 27 -- आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने का यह कालखंड केवल गौरव का विषय ही नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का भी अवसर है। उनका कहना है कि 'विकसित भारत 2047' का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा वर्ग शोध, नवाचार एवं विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय सभागार में रविवार को 'युवा वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता गोष्ठी' में रामलाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भारत को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि आज के समय में कृत्रिम मेधा और यांत्रिक अधिगम जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। यह भी पढ़ें- विकसित भारत के लिए छात्...
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