कानपुर, जनवरी 30 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। साल दर साल जिले में युवाओं के बीच असलहों का क्रेज कम हो रहा है। शिक्षा के प्रति बढ़ता रुझान और असलहों के प्रबंधन में नियम-कानूनों की झंझट उन्हें ऐसा करने के लिए विवश कर रही है। एक साल के भीतर 186 लोगों ने असलहा लाइसेंस सरेंडर किया है। पिछले साल 95 और उससे पिछले साल 78 ने सरेंडर किया था। शिक्षा और कॅरियर अब असलहों के दिखावे पर भारी पड़ रहा है। इसके साथ ही सख्ती, सत्यापन, हर्ष फायरिंग पर रोक समेत अन्य बंदिशों की वजह से लाइसेंस को सरेंडर कर रहे हैं। कारतूस की जानकारी तलब होने से लोगों का मन भी बदल रहा है। कई ने रिवाल्वर भी सरेंडर कर दिए हैं। हालांकि ज्यादातर बंदूक सरेंडर हो रही हैं। तीन लाइसेंस में दो ही वैध होने के बाद ज्यादातर लोगों ने तीसरे असलहे के रूप में पुरानी बंदूक को सरेंडर कर दिया है। ज...
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