युवाओं की उदासीनता और सामाजिक संगठनों का सिमटता दायरा
हजारीबाग, जून 13 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि 18 लाख से अधिक की आबादी वाले हजारीबाग में जीवन रक्षक रक्त की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। शहर में एक ओर मरीजों के परिजन खून की एक-एक बूंद के लिए दर-दर भटक रहे हैं, तो दूसरी ओर जिले में रक्तदान शिविरों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर क्या कारण है कि दानवीर हजारीबाग अब रक्तदान में पिछड़ता जा रहा है? यह भी पढ़ें- रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं: सदर एसडीओसमाजिक संस्थाओं की सहभागिता हजारीबाग जिले में 200 से अधिक सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाएं पंजीकृत हैं। इनका दावा समाज सेवा का है, लेकिन हकीकत यह है कि इनका अधिकतर ध्यान केवल विकास कार्यों या सीमित गतिविधियों तक ही सिमट गया है। रक्तदान जैसे पुनीत और जीवन रक्षक कार्यों में इन संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी न के बराबर है...
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