झांसी, जुलाई 27 -- झांसी। पांच साल पहले पति-पत्नी द्वारा पैट्रोल डालकर आग लगाने से मौत के मामले में पति दोषी करार दिया गया। विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह की अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपए अर्थदण्ड से भी दंडित किया। जमानत पर रिहा होने के बाद से हत्यारोपी महिला फरार है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप उर्फ पिंटू राजपूत के अनुसार विकास अहिरवार ने थाना कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि उसका भाई अरविन्द को 20 सितंबर 2021 को चतुरयाना निवासी शेखर अहिरवार और उसकी पत्नी अर्चना ने झांसी मिलने बुलावे गया था। वहीं 21 सितंबर 2021 को सुबह अरविंद ने उन्हें जानकारी दी कि वह अस्पताल में भर्ती है। जब विकास ने भाई अरविन्द को मेडिकल कॉलेज में देखा तो वह...