लखनऊ, अगस्त 16 -- मोहनलालगंज में वर्ष पांच साल पहले 25 वर्षीय संगम को अधमरा कर जिंदा फूंकने के मामले में आरोपी विजय बहादुर को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश आयुर्वेद घोटाला प्रकरण/सीबीआई ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इंस्पेक्टर राम बाबू सिंह, पैरोकार कांस्टेबल प्रदीप आनंद ने इलेक्ट्रानिक और सर्विलांस से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद कोर्ट ने 14 अगस्त को मामले में अंतिम फैसला सुनाकर आरोपी को सजा दी। घटना की शुरुआत 24 अगस्त 2021 को हुई। संगम के पिता नन्हू प्रसाद निवासी नगराम हुसैनाबाद दुल्हापुर ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। नन्हू के मुताबिक बेटा ससुराल में रहता था। वहां उसके ससुर, साढ़ू विजय बहादुर अन्य रिश्तेदारों में राम रुचि उर्फ रामू, सुमन, शीला और अन्य ...