बलिया, अप्रैल 6 -- बलिया। निजी स्कूलों में एनसीईआरटी-एसईआरटी की जगह निजी प्रकाशन की पुस्तक अनिवार्य करने से व्यथित युवकों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि शासन और शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिले के 95 फीसदी से अधिक निजी स्कूल निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के खरीदना अनिवार्य किया गया है। यही नहीं इसके लिए निश्चित दुकान से ही खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों पर विक्रेताओं द्वारा विद्यालय प्रबंधन को कमीशन दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि प्री-प्राइमरी की किताबें भी चार से छह हजार तक की पड़ रही है। मांग किया कि निजी विद्यालयों पर सख्ती कर एनसीईआरटी और एसईआरटी की पुस्तकें लगाने का निर्...
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