बागपत, अप्रैल 8 -- चांदीनगर। ईरान और इज़राइल-अमेरिका युद्ध के चलते खाड़ी देशों में नौकरी करने वाले रटौल के युवकों के परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। अब युद्ध विराम की सूचना पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। रटौल से खाड़ी देश के दुबई और सऊदी अरब में अलग-अलग स्थानों पर युवक नौकरी या अपना व्यवसाय करते हैं। जब यद्ध शुरु हुआ तो परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी थी। परिजन लगातार फोन करके युवकों से हाल चाल जान रहे थे। जंग के दौरान रटौल के दानिश पुत्र बाबू, राशिद पुत्र रहीसुद्दीन वह एक अन्य एक युवक वापस लौट आए थे, जबकि सलाउद्दीन पुत्र अहसान लक, साजिल पुत्र हिसामुद्दीन, रियाजुद्दीन पुत्र सफिया, साजिद पुत्र सादिक, जीशान पुत्र नदीम सऊदी और कुवैत में ही रह रहे हैं। अब युद्ध विराम की घोषणा के बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली है और युवकों से फोन पर हा...
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