युद्ध थमा पर चूल्हे ठंडे, ठेले वालों का सहारा बना छोटे सिलेंडर
हाथरस, अप्रैल 21 -- हाथरस। खाड़ी के देशों में युद्ध भले ही शांत हो गया हो, लेकिन उसकी तपिश अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही। युद्ध के बाद उपजी गैस किल्लत ने घरेलू बजट से लेकर छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि कई दिनों से ठप पड़े धंधे को बचाने के लिए अब रेहड़ी-पटरी वाले छोटू सिलेंडरों के भरोसे गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध को थमे दो सप्ताह होने जा रहा है, लेकिन गैस आपूर्ति की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही। सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ा है, जिनका जीवन रोज कमाना और रोज खाना है। यह भी पढ़ें- गैस की किल्लत से लोग परेशान, एजेंसियों के लगा रहे चक्कर शादियों का सीजन सिर पर है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों में बेचैनी बढ़ गई है। जहां स्थायी दुकानों वाले लोग लकड़ियों की भट्ठी जलाकर काम चला रहे हैं, वहीं गली-मोहल्लों म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.