नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भरता और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद अहम कदम उठाया है। नौसेना ने अपने रूसी मूल के MiG-29K लड़ाकू विमानों के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों और टेस्टिंग सिस्टम को देश में ही विकसित करने और बनाने के लिए भारतीय कंपनियों को आमंत्रित किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता को कम करना, विमानों को हमेशा उड़ान के लिए तैयार रखना और रक्षा उपकरणों के मामले में भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।MiG-29K की अहमियत और मौजूदा चुनौतियां MiG-29K क्या है? यह एक बेहद आधुनिक, हर मौसम में उड़ान भरने वाला सुपरसोनिक यानी आवाज की गति से भी तेज मल्टी-रोल फाइटर जेट है। यह भारतीय नौसेना का मुख्य लड़ाकू विमान है जो विमानवाहक पोतों से संचालित होता है। कहां तैनात है? यह विमान भारत के दो ...
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