युद्ध की पीड़ा और मानवीय संवेदनाओं से गूंजा कवि सम्मेलन
मधुबनी, मई 24 -- मधुबनी, निज संवाददाता। शहर के आरके पुरम कॉलोनी में रविवार की शाम आयोजित कवि सम्मेलन मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और युद्ध की विभीषिका पर केंद्रित रहा। सम्मेलन में उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से विश्व में जारी युद्ध, उससे उत्पन्न मानवीय संकट, आम लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ रहे प्रभाव और सामाजिक अस्थिरता जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। यह भी पढ़ें- युद्ध की पीड़ा और मानवीय संवेदनाओं से गूंजा कवि सम्मेलनयुद्ध का प्रभाव कवियों ने कहा कि युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर लंबे समय तक मानव जीवन, प्रकृति और जीव-जंतुओं तक पर पड़ता है। कवियों की प्रस्तुतियों में संवेदना, पीड़ा, मानवीय रिश्तों और सामाजिक विडंबनाओं की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। श्रोताओं ने कई प्रस्तुतियों पर जोरदार तालि...
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