फरीदाबाद, मार्च 26 -- फरीदाबाद। ईरान, अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब स्थानीय धार्मिक आयोजनों तक भी पहुंच गया है। गैस सिलेंडर की किल्लत ने इस बार चैत्र नवरात्र की नवमी पर होने वाले भंडारों को प्रभावित किया है। मंदिर कमेटियों और सामाजिक संस्थाओं के सामने माता का भोग-प्रसाद तैयार करने के लिए सिलेंडर की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति यह है कि गैस उपलब्ध न होने के कारण आयोजकों को अब पारंपरिक तरीकों की ओर लौटना पड़ रहा है। इस बार अधिकतर स्थानों पर प्रसाद बनाने के लिए लकड़ी और कोयले का सहारा लिया। इससे न केवल लागत बढ़ी है, बल्कि व्यवस्थाएं करना भी कठिन हो गया है। लकड़ी और कोयले की अचानक बढ़ी मांग का सीधा असर इनके दामों पर पड़ा है। इसके दामों में भी 40 से 45 प्रतिशत तक का उछाल आया है। जहां पहले लकड़ी 10 रुपये प्रति किलो ...
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