नई दिल्ली, मार्च 26 -- पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब धीरे-धीरे भारत के उद्योगों पर साफ दिखने लगा है। पहले जहां यह संकट सिर्फ कच्चे तेल और ईंधन तक सीमित माना जा रहा था, वहीं अब इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा, रसायन और शराब जैसे कई बड़े सेक्टर इसकी चपेट में आ चुके हैं। कंपनियां बढ़ती लागत, गैस की कमी, देरी से पहुंच रहे कच्चे माल और फंसी हुई खेपों के कारण उत्पादन और सप्लाई में दिक्कतें झेल रही हैं।होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना बना सबसे बड़ा कारण इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुई रुकावट है, जो दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा और व्यापार मार्गों में से एक है। इस मार्ग के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई कार्गो रास्ते में फंस गए हैं, जिससे कच्चे माल की सप्लाई में देरी हो रही है और कंपनियों की...