सिद्धार्थ, नवम्बर 16 -- सिद्धार्थनगर। इंसान की मौत के बाद उसका अच्छा किरदार याद किया जाता है। जिंदगी में इस्लाम के वसूलों को अपनाने के साथ सभी के साथ अच्छा रिश्ता बनाना चाहिए। ऐसा करने के लिए लोगों को भी हिदायत देते रहना चाहिए। ये बातें शुक्रवार रात दरस के दौरान हाफिज कारी इस्लामुद्दीन ने कहीं। उन्होंने कहा कि मां-बाप के साथ एखलाक के तरीके जो हदीस से साबित है वह यह हैं कि दिल की गहराइयों से उनसे मोहब्बत रखो। बोलचाल उठने बैठने में अदब का ख्याल रखने के अलावा उनकी शान में अच्छे लफ्जों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि दुनिया में आप का किरदार जितना अच्छा होगा उतनी न रहने के बाद भी तारीफ होगी। कहा कि पड़ोसी ही नहीं हर किसी से अच्छा सुलूक करें। यह भी ख्याल रखना चाहिए कि कभी किसी से भेदभाव न रखें चाहे वह किसी भी मजहब का मानने वाला क्यों न हो।
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