नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अब समय आ गया है कि देश के लोग सामाजिक शिष्टाचार (सिविक सेंस) की समझ विकसित करें और यातायात नियमों का पालन करें। अदालत ने यह भी कहा कि भारतीयों को विकसित देशों से यह सीखना चाहिए कि वाहन कैसे चलाए जाते हैं और सड़क कैसे पार की जाती है। न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने बुधवार को एक आदेश पारित करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ एक व्यक्ति के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि बढ़ा दी जिसकी सड़क पार करते समय एक बस की चपेट में आने से मौत हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि मेरी राय में सामाजिक शिष्टाचार का पालन हम सभी को बिना किसी के दबाव के करना चाहिए। कहा कि जब भारतीय विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो वहां सभी यातायात नियमों और कानूनों का पालन करते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि मुझे कोई ऐसा कारण नजर नहीं जब हम...
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