बागपत, जून 4 -- खेकड़ा। प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में डाली गई याचिकाओं के विरोध में ग्राम प्रधान एकजुट हो चले हैं। उन्होंने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष से न्यायालय में ग्राम प्रधानों का पक्ष रखने और न्यायालय से पक्ष को सुनने की मांग की है। प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल गत मई माह में समाप्त हो चुका है, लेकिन पिछड़ा आयोग का गठन न होने के कारण समय से पंचायतों का आरक्षण निर्धारित नहीं हो पाया था और ना ही वोटर लिस्टों का पुनरीक्षण हो पाया था। जिससे समय पर चुनाव नहीं हो सके थे। सरकार ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिया था। सरकार के इस निर्णय के विरोध में उच्च न्यायालय में याचिकाएं डाली गई है। जिनमें एडीओ पंचायत अधिक...