नई दिल्ली, जनवरी 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारत सरकार द्वारा यूजीसी के पूर्व चेयरमैन और जेएनयू के पूर्व कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार को पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा के बाद उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे साझा राष्ट्रीय प्रयास की मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला और सीखने के परिणामों पर केंद्रित बनाने की दिशा में किए गए कार्यों की पहचान है। एम जगदीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने उच्च शिक्षा सुधार की एक स्पष्ट दिशा तय की है। उनके अनुसार भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है और आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को समर्थन देना, शोध की गुणवत्ता में सुधार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.