यह महिला नहीं है; ट्रांसजेंडर पीड़िता के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपी की दलील; HC क्या बोला
नई दिल्ली, नवम्बर 8 -- बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। एक याचिका कि सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि एक ट्रांसजेंडर महिला को भी भारतीय न्याय संहिता की महिला सुरक्षा के प्रावधानों का कानूनी लाभ लेने का अधिकार है। कोर्ट ने यह फैसला उस याचिका के संबंध में सुनाया, जिसमें यौन उत्पीड़न के आरोपी ने तर्क दिया था कि पीड़िता महिला नहीं है, ऐसे में केस को रद्द किया जाना चाहिए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के जस्टिस मेहरोज के. पठान ने कहा कि पीड़िता शुरुआत से ही खुद को महिला बता रही है। ऐसे में पीड़िता की पहचान पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। जस्टिस पठान ने कहा, "FIR को देखने से पता चलता है कि शिकायतकर्ता/पीड़िता ने खुद को महिला बताय...
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