नई दिल्ली, जुलाई 30 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को कहा कि 'कोई संवैधानिक अदालत किसी मामले की सुनवाई की शुरुआत नहीं कर सकती कि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ काम करेंगे। केंद्र सरकार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए 2023 में बनाए गए कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का विरोध करते हुए यह दलील दी।

कानूनी दलीलें जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 'निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए इस आधार पर चयन समिति के गठन को अमान्य करना कि प्रधानमंत्री और कार्यपालिका गलत नीयत से काम करेंगे, चुने हुए संस्थानों में रखे गए संवैधानिक भरोसे को कमजोर करेगा।' य...