नई दिल्ली।, फरवरी 6 -- तमिलनाडु सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के बीच चल रही कानूनी जंग ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में हलचल बढ़ी दी। सुनवाई के दौरान दलीलों का स्तर ऐसा हो गया कि देश के मुख्य न्यायाधीश को हस्तक्षेप कर मर्यादा की याद दिलानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद पी. विल्सन पेश हुए, जबकि केंद्र और UGC का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता रख रहे थे। मूल याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने किया।'यह असेंबली नहीं, सुप्रीम कोर्ट है' इंडियन एक...
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