मुरादाबाद, जून 1 -- मुरादाबाद। ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर की मौत पर पूरा देश रो रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके अपने मुरादाबाद जिले में क्या खौफनाक खेल चल रहा है? यहाँ हर महीने औसतन 3 हंसती-खेलती बेटियां दहेज की आग में जिंदा झुलसकर या फंदे पर लटककर खत्म हो रही हैं! इस साल 1 जनवरी से 20 मई के बीच ही 14 घरों के चिराग बुझ चुके हैं। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि पुलिस रिकॉर्ड में जहां 'ससुरालियों की प्रताड़ना' के केस कम हो रहे हैं, वहीं 'बेटियों की मौत' का आंकड़ा तेजी से ऊपर भाग रहा है! यह भी पढ़ें- विवाह संस्था पर बना रहे विश्वासदहेज के लिए उत्पीड़न के मामले समाज तेजी से बदलाव के बाद भी कई मामलों में अभी बहुत पीछे चल रहा है। दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाने और उसे प्रभावी तरीके से लागू करने के बावजूद समाज में दहेज उत्पीड़न और दहेज ...