नई दिल्ली, मार्च 23 -- देश की न्याय व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण और आत्ममंथन करने वाला बयान सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने न्यायपालिका के भीतर मौजूद एक चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि "राजा से भी ज्यादा वफादार बनने की मानसिकता" के कारण कई लोग वर्षों तक जेलों में बंद रहने को मजबूर हो जाते हैं। बेंगलुरु में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए जस्टिस भुइयां ने कहा कि कड़े कानूनों के मामलों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। जस्टिस भुइयां ने कहा, "इस मानसिकता के चलते कई आरोपी महीनों ही नहीं, बल्कि वर्षों तक जेल में बंद रहते हैं, क्योंकि उनके मामलों का निपटारा समय पर नहीं हो पाता।" इसके साथ ही उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के संदर्भ में कहा कि यह एक शक्तिशाली कानून है, ले...