नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- हिंदी सिनेमा का एक वो दौर था मोहम्मद हर फिल्ममेकर्स की पहली पसंद थे। उन्होंने अपने दौर में एक से बढ़ एक गीत दिए। कई यादगार, दर्द से भरे गाने जो आज भी कोई सुने तो रो पड़े। लेकिन फिर एक ऐसा बी दौर आया जब बड़े फिल्ममेकर्स रफी साहब को कमतर समझने लगे। एक फिल्ममेकर ने तो रफी साहब की बेइज्जती कर दी। उस समय किशोर कुमार भी वहां मौजूद थे। उन्हें ये बेइज्जती इतनी बुरी लगी कि वो स्टूडियो छोड़कर चले गए।मोहम्मद रफी की हुई बेइज्जती एक समय ऐसा था जब मोहम्मद रफी अपनी आवाज के उस दर्द के लिए मशहूर थे। उनकी आवाज में एक ऐसी खनक थी कि अगर वो कोई इमोशनल गाना गा दे तो सुनने वाले लोग रो पड़ते थे। किसी समय में वो नंबर 1 सिंगर रहे। लेकिन दौर बदल रहा था। 70 का दशक शुरू होने से पहले ही किशोर कुमार इंडस्ट्री पर राज करने लगे। किसी समय में जो फिल्ममेक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.