नई दिल्ली, जनवरी 24 -- उत्तराखंड के रुड़की स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (एनआईएच) ने दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए जल प्रवाह बढ़ाने (850 क्यूसेक पानी) की जरूरत बताई है। दिल्ली सरकार ने इसके लिए तीन समाधान तलाशे हैं, जिनके माध्यम से यमुना में जल प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। दिल्ली सरकार ने केंद्र को यह जानकारी देकर इसमें मदद का अनुरोध किया है। दरअसल, दिल्ली सरकार ने बीते दिनों रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी से यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए अध्ययन करवाया था। विशेषज्ञों ने बताया कि यमुना का पर्यावरणीय प्रवाह बेहद कम है। यमुना को स्वच्छ रखने के लिए इसमें कम से कम 850 क्यूसेक जल प्रवाह होना चाहिए। अभी केवल 350 क्यूसेक जल का प्रवाह इसमें होता है, इसलिए सबसे पहले यमुना में पर्यावरणीय प्रवाह बढ़ाना होगा ताकि उसे स्व...
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