मथुरा, मई 1 -- यमुना नदी में जलस्तर कम होने पर शुक्रवार को अनोखा विरोध किया गया। बुद्ध पूर्णिमा के दिन भी नदी में पानी न छोड़ने पर यमुना किनारे रेत से स्नान कर आक्रोश प्रकट किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। यमुना नदी में इन दिनों जलस्तर गिरा हुआ है और जितना जल है वह स्वच्छ नहीं है। इस कारण श्रद्धालु नदी में स्नान नहीं कर पाते और दूषित जल होने के कारण आचमन लेने से भी कतराते हैं। शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा थी। इस दिन लोग यमुना स्नान करते है, लेकिन प्रशासन द्वारा इंतज़ाम नहीं किया गया। इसके विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद गोस्वामी ने रेत से स्नान कर विरोध जताया। यह भी पढ़ें- अटल घाट पर महाआरती की, पढ़ा हनुमान चालीसा उन्होंने कहा कि सरकार वायदा कर जनता को गुमराह करती है पर धरातल पर कुछ नहीं करती, इसलिए मजबूरन रेत से स्नान करना पड़...