गुड़गांव, जून 24 -- गुरुग्राम, दीपक आहूजा। यमुना में गंदा पानी रोकने के लिए दो सीईटीपी (कॉमन इंफूलेंट शोधन संयंत्र) और दो सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगेंगे। सीईटीपी में उद्योगों से निकल रहे पानी को शोधित किया जाएगा, जबकि एसटीपी में रिहायशी क्षेत्रों से निकल रहे गंदे पानी को शोधित करके यमुना में छोड़ा जाएगा। एसटीपी निर्माण के टेंडर जीएमडीए की तरफ से जारी कर दिए हैं। पिछले दिनों हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने एक बैठक ली थी। इसमें उन्होंने सेक्टर-18 और सेक्टर-37 में सीईटीपी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन दोनों से रसायनयुक्त पानी निकलता है। यह पानी सीवर के माध्यम से यमुना में जाता है। सीवर शोधन संयंत्र इस पानी को पूर्णतया शोधित नहीं कर पाते हैं। ऐसे में फैसला हुआ है कि सीईटीपी का निर्माण करके शोधित पानी को सीवर लाइन में...