बागपत, जुलाई 10 -- बड़ौत। एक साल बीतने के बाद भी यमुना की बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई किसानों को अभी तक नहीं हुई है। लाखों रुपये की फसल, बेशकीमती जमीन यमुना की धार में बह गई और मुआवजे के नाम पर सिर्फ 40 प्रतिशत किसानों को 5000-5000 रुपये का मामूली मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड लिया गया। आरोप है कि अभी भी 60 फीसदी किसान ऐसे हैं जिनको मुआवजे के नाम पर फूटी कोडी तक नहीं मिली है जबकि बाढ की अगली आफत सिर पर खडी हो गई है। दरअसल, यमुना की विनाशकारी बाढ़ को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन प्रभावित किसानों का दर्द आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है। बाढ़ में किसानों की लाखों रुपये की खड़ी फसल तबाह हो गई, कई किसानों की बेशकीमती कृषि भूमि यमुना की तेज धारा में समा गई, लेकिन नुकसान की भरपाई आज तक नहीं हो सकी। किसानों का कहना है कि बाढ़ के बाद शासन के नि...