हेमलता कौशिक। नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसी भी प्रकार के निर्माण या रिहायशी कब्जे पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह कब्जा कब्रिस्तान या धार्मिक उपयोग के नाम पर क्यों न किया जा रहा हो, इसे अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घर, मकान, शेड या अन्य निर्माण करने की इजाजत नहीं है। सुनवाई के दौरान पीठ को नौ गजा पीर दरगाह और पास के कब्रिस्तान इलाके में जमीन के लगातार अवैध उपयोग की जानकारी दी गई। कब्रिस्तान के केयरटेकर ने दावा किया कि यह जमीन वक्फ बोर्ड को अलॉट की गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि लगभग एक दशक पहले वहां कोई कब्रिस्तान नहीं था और हाल ही में नि...