मथुरा, अप्रैल 11 -- यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद धर्मनगरी वृंदावन के प्राचीन घाटों का दृश्य शुक्रवार को बदल गया। जहां सुबह-शाम यमुना मैया के जयकारों, आरती और पूजन से गूंजने वाले घाट श्रद्धालुओं की भीड़ से भरे रहते थे, वहीं अब वहां सन्नाटा और वीरानी छा गई है। धर्मनगरी के प्राचीन केशी घाट, चीरघाट, श्रृंगार वट, रानापत घाट, बिहार घाट, जुगलघाट, सूरज घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर आम दिनों में यमुना आरती और पूजन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, शुक्रवार को हादसे के बाद गिने-चुने लोग ही नजर आये। जिसका सीधा असर यमुना आरती और पूजन पर दिखाई दिया। शाम के समय दीपदान के लिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, वहां कुछ गिने-चुने भक्त ही पहुंचे। घाटों पर शाम के समय होने वाली आरती औपचारिक रूप से तो हो रही थी, लेकि...
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