नई दिल्ली, दिसम्बर 29 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने यहां की एक स्थानीय अदालत को दो नशीले पदार्थों के मामलों में यमन के एक नागरिक के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि मामलों के लंबित रहने के दौरान उसे भारत में हिरासत में रखने से सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और आर. आर. भोंसले की पीठ ने पिछले सप्ताह पारित आदेश में कहा कि चूंकि यमन के नागरिक के खिलाफ अंतिम निर्णय के लिए शिकायतें लंबित हैं, इसलिए उसे उसके मूल देश में निर्वासित नहीं किया जा सकता है और उसे भारत में ही हिरासत में रखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि यमनी नागरिक को बुनियादी जरूरतें मुहैया कराने में सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। पीठ ने संबंधित मजिस्ट्रेट कोर्ट को तीन महीने के भीतर दोनों मामलों का निपटारा करने...