लखीमपुरखीरी, मार्च 22 -- कस्बे के सुथना देवी मंदिर पर श्रीशतचंडी महायज्ञ हुआ। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गई है। कथावाचक आचार्य विभु शास्त्री ने श्रोताओं को यज्ञ का महत्व बताया। नैमिष से पधारे आचार्य विभु शास्त्री ने यज्ञ पर चर्चा करते हुए कहा कि वेदों में यज्ञ का बड़ा महत्व है। यज्ञ में द्रव्य का दान करने से मनुष्य को यश, वैभव और कीर्ति प्राप्त होती है। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म तथा उन्हें शाप मिलने की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि हवन से इच्छित कामनाएं पूरी होती हैं। अथर्ववेद के अनुसार यज्ञ ही पृथ्वी को धारण करता है। यज्ञ मंडप की परिक्रमा से संपूर्ण रामायण पढ़कर यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। कथा के दौरान डीपी गोयल, सतीश राणा, लल्लूराम मौर्य, अनिल सिंह, वीरेंद्र गुप्ता और परसराम महावर आदि मौजूद रहे।
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