रामपुर, अक्टूबर 27 -- आर्य समाज के तत्वाधान में आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में सत्ताईसवाँ वेद महोत्सव 21 कुंडीय वैदिक महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्राह्मण स्वामी अखिलानंद सरस्वती के मुखारविंद से वैदिक मंत्र कर विधिवत यज्ञ संपन्न कराया गया। स्वामी जी ने ईश्वर स्तुति प्रार्थनोपासना मंत्र,स्वस्तिवाचन मंत्र तथा शांति करणम् मंत्रों का पाठ कर यज्ञ प्रारंभ किया। तत्पश्चात वैदिक महायज्ञ का प्रारंभ करते हुए दीप जालंकर यज्ञ में अग्नि प्रज्जवलित कर वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए वैदिक महायज्ञ संपन्न किया गया। स्वामी जी ने यज्ञ की वैज्ञानिकता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि संसार में परमपिता परमात्मा के द्वारा 84 लाख प्राणियों का सृजन किया है उन सभी योनियों में मानव योनि अर्थात मानव शरीर सबसे श्रेष्ठ एवं उत्कृष्ट...
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