बाराबंकी, जनवरी 19 -- बाराबंकी। विद्यालय में कुछ अध्यापकों के तंज की तीर सिर्फ एक दिन और बर्दाश्त कर ली होती तो शायद होनहार शिक्षिका उमा वर्मा की जान नहीं जाती। कारण कि आज से 14 फरवरी तक की छुट्टी पर जाने वाली थी। उनकी छुट्टी भी स्वीकृत हो गई थी। इसके बावजूद विद्यालय में उनके साथ ऐसा क्या हुआ कि वे प्रधानाध्यापक के कक्ष में मृत मिलीं। यह सिर्फ पति के लिए ही नहीं बल्कि शुभचिंतक शिक्षक समुदाय के लिए भी यक्षप्रश्न बन गया है। 0 मृत अध्यापिका उमा वर्मा के पति ऋषि वर्मा बताते हैं कि उस दिन बच्चों को टिफिन देने के बाद मेरे साथ ही घर पर सुबह की नाश्ता कीं और मैं खुद लेकर विद्यालय छोड़ने गया था। रास्ते में भी सामान्य थी लेकिन विद्यालय में उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया गया कि अकस्मात इतना बड़ा कदम उठाने के लिए वे विवश हो गईं। इस मामले की जांच होनी...
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