नई दिल्ली, जुलाई 10 -- बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड से जुड़े एक अहम नियम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत सेबी ने अब करोबारी सत्र के दौरान ली और चुकाई जाने वाली 'इंट्राडे' उधारी के दायरे का विस्तार किया है। नए नियम एक सितंबर से लागू होंगे। बता दें कि पहले म्यूचुअल फंड को केवल अस्थायी कैश जरूरतों को पूरा करने के लिए ही उधार लेने की अनुमति थी और वह भी नियामकीय सीमाओं के तहत करना होता था।क्या हैं इसके मायने? अब नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियां, यूनिटहोल्डर को पेमेंट (जैसे रिडेम्पशन, IDCW पेमेंट और ब्याज का पेमेंट) करने के लिए इंट्राडे उधारी का इस्तेमाल कर सकते हैं। वे इस सुविधा का इस्तेमाल स्कीम द्वारा किए गए निवेश से जुड़े पेमेंट, मार्क-टू-मार्केट देनदारियों, विदेशी मुद्रा सेटलमेंट और मौजूदा लोन को चुकाने के लिए भी कर सकते हैं। ...