गंगापार, मई 14 -- प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक आकाश मिश्र ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

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